
रायगढ़। हिंदू-मुस्लिम-सिख-ईसाई एकता और आपसी भाईचारे की मिसाल पेश करते हुए रायगढ़ से शाही संदल एवं चादर लेकर श्रद्धालु लूथरा शरीफ के लिए रवाना हुए। शहंशाह-ए-छत्तीसगढ़ इंसान अली बाबा की दरगाह पर रायगढ़ की ओर से चादर पेश की जाएगी। रायगढ़ के विभिन्न धर्मों के युवा पिछले कई वर्षों से मिल-जुलकर यह परंपरा निभाते आ रहे हैं।शाही संदल के शहर से गुजरने के दौरान मोदी परा मैं जुलूस का स्वागत किया गया। यहां श्रद्धालुओं के लिए पानी और लस्सी की व्यवस्था पूर्व पार्षद श्रीमती रंजन पटेल की ओर से की गई। वहीं बाग तालाब चौक में दुकानदारों एवं युवाओं द्वारा श्रद्धालुओं के लिए लंगर का आयोजन किया गया।इस दौरान सभी धर्मों के लोगों ने मिलकर जुलूस का स्वागत किया और आपसी सौहार्द एवं भाईचारे का संदेश दिया। आयोजकों ने कहा कि रायगढ़ की गंगा-जमुनी तहजीब का यह एक सुंदर उदाहरण है, जहां अलग-अलग धर्मों के लोग मिलकर धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों में सहभागिता करते हैं।शाही संदल के माध्यम से रायगढ़ के युवाओं ने समाज में एकता, प्रेम, सद्भाव और भाईचारे का संदेश दिया।
