रायगढ़ के पूर्व शासक एवं कला-संस्कृति के संरक्षक स्वर्गीय राजा चक्रधर सिंह जी की जयंती आदिवासी युवाओं द्वारा श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में राजा चक्रधर सिंह जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। साथ ही फूलों की माला चढ़ाकर एवं दीप प्रज्वलित कर उन्हें नमन किया गया।कार्यक्रम में आदिवासी समाज के प्रमुख कार्यकर्ता एवं युवा बड़ी संख्या में शामिल हुए। इस दौरान गजेंद्र सिंह राज, उदय मरवाही, मुन्ना मरवाही, अमित नेताम, विकास नेताम, महावीर नेताम, संतोष सिदार, महेंद्र सिदार, रितेश सिदार, राजेंद्र नेताम एवं अनिल सिदार सहित समाज के अन्य लोग उपस्थित रहे।उपस्थित लोगों ने राजा चक्रधर सिंह जी के कला, संगीत और संस्कृति के क्षेत्र में दिए गए महत्वपूर्ण योगदान को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि राजा चक्रधर सिंह जी ने रायगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाई देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी विरासत आज भी रायगढ़ के लोगों के लिए प्रेरणास्रोत है।कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने उनकी स्मृतियों को नमन करते हुए उनकी सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

