
रायगढ़। आदिवासी समाज के प्रमुख एवं पारंपरिक पर्व करमा पूजा का आयोजन कल जिले में श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। इस अवसर पर आदिवासी समाज के लोगों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार करम देवता की पूजा-अर्चना कर सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।करमा पूजा को लेकर सुबह से ही समाज के लोगों में उत्साह देखने को मिला। पूजा स्थल पर करम डाल की स्थापना कर विधि-विधान से पूजा की गई। महिलाओं एवं युवतियों ने पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होकर करमा गीत गाए और सामूहिक रूप से पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किया। ढोल-मांदर की थाप पर देर रात तक करमा नृत्य चलता रहा।कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठजनों, युवाओं, महिलाओं और बच्चों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। इस दौरान नई पीढ़ी को आदिवासी संस्कृति, परंपरा और लोक कला से जोड़ने का संदेश भी दिया गया। समाज के लोगों ने कहा कि करमा पर्व प्रकृति, भाईचारे और सामूहिक एकता का प्रतीक है।पूरे आयोजन के दौरान आपसी प्रेम और सौहार्द का माहौल बना रहा। करमा पूजा के अवसर पर लोगों ने एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं दीं और आदिवासी संस्कृति एवं परंपराओं को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
